कीमोथेरेपी क्या है, फायदे और नुकसान | Chemotherapy in Hindi

कीमोथेरेपी क्या है, फायदे और नुकसान | Chemotherapy in Hindi

कीमोथेरेपी कैंसर के उपचार के लिए इस्तेमाल की जाती है. कीमोथेरेपी शब्द का प्रयोग उन दवाओं के लिए किया जाता है जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने तथा विभाजित होने से रोकती है. आज हम आपको इस लेख के जरिये कीमोथेरेपी क्या है तथा कीमोथेरेपी के फायदे और नुकसान के बारे में बताएंगे.

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कीमोथेरेपी क्या है

कीमोथेरेपी कैंसर को सही करने का सबसे कारगर इलाज है. कीमोथेरेपी से कैंसर पर काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकता है. कीमोथेरेपी में उन दवाओं का प्रयोग किया जाता है जो कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करती है. इन दवाओं की मदद से ट्यूमर सिकुड़ जाता है तथा ये कैंसर को फैलने से रोकती है.

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कीमोथेरेपी के प्रकार

आल्कयलटिंग एजेंट(क्षारीकरण एजेंट) – ये एजेंट सीधा डीएनए (DNA) पर काम करते है तथा कैंसर सेल्स को ख़त्म कर देते है. इसमें क्लोरम बुसिल, साईक्लोफॉस्फोमाईड, थिओटेपा तथा बूसुल्फान आदि शामिल हैं.

प्लांट एल्कलॉइड्स – ये कैंसर सेल्स की वृद्धि तथा विभाजित होने की क्षमता को ब्लॉक कर देते है. इनमें एक्टिन मायसिन डी, डॉक्सोरूबिसिन, और माइटी मायसिन आदि शामिल हैं.

एंटी मेटाबोलाइट्स – ये कैंसर सेल्स के लिए नकली प्रोटीन्स बनती है. जिसे खाने से इन सेल्स को कोई लाभ नहीं होता तथा वे भूख से मर जाती है. इसमें प्यूरीन एंटागोनिस्ट्स, पाईरिमीडाइन एंटागोनिस्ट्स, और फोलेट एंटागोनिस्ट्स आदि आते हैं.

एंटीट्यूमर एंटीबायोटिक्स – यह डीएनए (DNA) के साथ जुड़ कर आरएनए (RNA) को सिंथेसाइज करने से रोकता है जिससे कैंसर सेल्स दोबारा निर्माण न कर पाये. ये सामान्य एंटीबायोटिक्स से अलग हैं. इसमें डॉक्सोरूबिसिन, माइटोक्सैनट्रोन तथा ब्लेओमायसिन आदि शामिल हैं.

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कीमोथेरेपी के फायदे

  • यह कैंसर के सभी सेल्स को खत्म करके कैंसर से राहत दिलाने में मदद करती है.
  • यह कैंसर को कम करने या इसके प्रभाव को धीमा करने में मदद कर सकती है.
  • कीमोथेरेपी सर्जरी के बाद दोबारा कैंसर होने के जोखिम को कम कर सकती है.
  • सर्जरी या रेडियोथेरेपी से पहले कैंसर के प्रभाव को कम करना.
  • रेडिएशन के प्रभाव को बढ़ाना.

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कीमोथेरेपी के नुकसान

कीमोथेरेपी लेने के बाद इसके निम्न साइड इफेक्ट्स हो सकते है.

थकान – कीमोथेरेपी के बाद आपको आम दिनों की तुलना में ज्यादा थकावट महसूस हो सकती है. यदि आपको लगता है की आपको आराम की जरुरत है तो आप आराम करे, पर अगर आपको लगता है कि आप सामान्य कामकाज कर सकते है तो करे.

बाल झड़ना – कीमोथेरेपी के इलाज के बाद दवाओं की वजह से बाल पतले हो जाते है. इस वजह से बालों के झड़ने की समस्या होने लगती है. बालों के झड़ने की समस्या अस्थाई होती है तथा बाल दोबारा आ जाते है.

उल्टी या जी मिचलना – कीमोथेरेपी के बाद जी मिचलाना या उल्टी होने जैसा महसूस हो सकता है.

खून की कमी – कीमोथेरेपी की वजह से खून की कमी भी हो सकती है.

मुँह में घाव – कीमोथेरेपी के इलाज की वजह से मुंह के अंदर की सेल्स नष्ट हो सकती है जिसकी वजह से मुँह लाल हो सकता है तथा मुँह में घाव हो सकते है.

इन्फेक्शन – कीमोथेरेपी के बाद इन्फेक्शन की आशंका रहती है. इसीलिए सफ़ाई का ख़ास ध्यान रखना चाहिए.

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कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट को कैसे कंट्रोल करे

तला हुआ न खाये – कीमोथेरेपी के साइड इफ़ेक्ट को काबू करने के लिए सही खानपान होना जरुरी है. इसीलिए खाने में तला हुआ, ज्यादा मसाले वाला तथा ज्यादा नमक युक्त खाने से बचे.

धूम्रपान न करे – धूम्रपान का बुरा असर हमारी सेहत पर पड़ता है. कीमोथेरेपी के बाद धूम्रपान करना बंद कर देना चाहिए, साथ ही शराब का सेवन भी नहीं करना चाहिए.

व्यायाम – नियमित व्यायाम से कीमोथेरेपी के साइड इफ़ेक्ट पर काबू पाने में मदद मिल सकती है.

ड्रायर का इस्तेमाल न करे – गिरते बालो की समस्या से बचने के लिए बालो में ड्रायर का इस्तेमाल न करे, साथ ही कलर का इस्तेमाल न करे.

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कीमोथेरेपी कितने अंतराल पर दी जा सकती है

उपचार के आधार पर यह विभिन्न अंतरालों पर दी जा सकती है जैसे रोजाना, साप्ताहिक रूप से, प्रत्येक 2/3 सप्ताह पर या फिर लगातार.

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