सीएम धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा की, एसटी छात्रों के लिए हॉस्टल व्यवस्था पर जोर
उत्तराखंड में चल रही सभी योजनाओं और निर्माण कार्यों को आगामी 25 सालों की चुनौतियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बनने पर जोर दिया जा रहा है. ताकि इसका लाभ जनता को लगातार मिलती रहे. मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की. इस दौरान सीएम ने कुल 9,80,950 लाभार्थियों को करीब 145 करोड़ 42 लाख की पेंशन राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की.
बैठक के दौरान सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं केवल वर्तमान आवश्यकताओं को नहीं, बल्कि अगले 25 सालों की चुनौतियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं. उन्होंने कहा कि योजनाएं ऐसी हों, जो समय के साथ लगातार प्रभावी बनी रहें और अन्य राज्यों के लिए भी बेस्ट प्रैक्टिस का उदाहरण भी बनें.
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास, डोईवाला (देहरादून), बाबू जगजीवन राम बालक छात्रावास, पाइनस (नैनीताल) और बाबू जगजीवन राम बालिका छात्रावास, सोमेश्वर (अल्मोड़ा) के निर्माण कार्य हर हाल में अक्टूबर माह तक पूरा किए जाएं, ताकि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को जल्द बेहतर आवासीय और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें. सीएम ने कहा कि योजनाओं का इंटीग्रेशन किया जाए और इनके क्रियान्वयन एवं निर्माण कार्यों में वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर विशेष ध्यान रखा जाए.
सीएम ने निर्देश दिए कि 60 साल की उम्र पूरा करते ही पात्र नागरिक खुद वृद्धावस्था पेंशन के दायरे में आ जाएं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की अनावश्यक प्रक्रिया से न गुजरना पड़े और समय पर पेंशन का लाभ मिल सके. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास सभागार में समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित तमाम पेंशन योजनाओं की माह जून-2026 की देय पेंशन राशि का डीबीटी (वन क्लिक) के जरिए ट्रांसफर किया. इस दौरान उन्होंने कुल 9,80,950 लाभार्थियों को करीब 145 करोड़ 42 लाख की पेंशन राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की. इसमें केंद्र सरकार का अंश करीब 7 करोड़ 2 लाख और राज्य सरकार का अंश लगभग 138 करोड़ 40 लाख रुपए रहा.
माह जून-2026 में वितरित इस राशि में वृद्धावस्था पेंशन के 6,11,245 लाभार्थियों को 91.69 करोड़, विधवा पेंशन के 2,35,850 लाभार्थियों को 35.38 करोड़, दिव्यांग पेंशन के 88,787 लाभार्थियों को 13.32 करोड़, किसान पेंशन के 27,207 लाभार्थियों को 3.26 करोड़, परित्यक्ता पेंशन के 8,258 लाभार्थियों को 99.10 लाख, भरण-पोषण अनुदान के 7,297 लाभार्थियों को 51.08 लाख, तीलू रौतेली पेंशन के 2,179 लाभार्थियों को 26.15 लाख तथा बौना पेंशन के 127 लाभार्थियों को 1.52 लाख की सहायता प्रदान की गई.
बैठक में बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना की भी समीक्षा की गई. यह योजना अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को माध्यमिक, उच्च एवं विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा के लिए छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जा रही है. योजना के तहत केंद्र सरकार प्रति छात्र 3.25 लाख तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है. आवश्यकता होने पर राज्य सरकार अतिरिक्त टॉप-अप राशि देकर आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण छात्रावासों का निर्माण सुनिश्चित करती है.
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